सीधा जवाब: उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की वर्तमान नीति में महिलाओं के लिए एक करोड़ रुपये तक के संपत्ति मूल्य पर स्टाम्प शुल्क में 1% छूट दर्ज है। 29 जुलाई 2025 की अधिसूचना ने पहले के 10 लाख रुपये वाले शब्दों की जगह एक करोड़ रुपये किया है। आपके दस्तावेज़ पर वास्तविक देय शुल्क, खरीदारों के हिस्से और लेखपत्र के प्रकार की पुष्टि पंजीकरण कार्यालय से करें।
महिला छूट की आधिकारिक नीति देखें ↗ सरकारी शुल्क कैलकुलेटर खोलें ↗
उत्तर प्रदेश में महिलाओं को स्टाम्प शुल्क पर क्या छूट है?
स्टाम्प शुल्क संपत्ति के हस्तांतरण जैसे पंजीकरण योग्य लेखपत्र पर लगने वाला शुल्क है। यह निबंधन या पंजीकरण शुल्क से अलग होता है। विभाग के स्टाम्प छूट नीति पेज पर महिलाओं के लिए एक करोड़ रुपये तक के संपत्ति मूल्य पर 1% छूट लिखी है। 2025 की सरकारी अधिसूचना ने 23 फरवरी 2006 की अधिसूचना में जहाँ-जहाँ ‘दस लाख’ लिखा था, उसे ‘एक करोड़’ किया। केवल इस संक्षिप्त सूचना से हर सौदे का अंतिम शुल्क नहीं निकाला जा सकता।
रजिस्ट्री से पहले सही शुल्क कैसे जाँचें?
- अपने लेखपत्र का प्रकार, संपत्ति का स्थान, मूल्य और सभी खरीदारों के नाम व हिस्से स्पष्ट करें।
- विभाग की महिला छूट नीति और उससे जुड़ी अधिसूचना पढ़ें। पुरानी दर या पुरानी मूल्य सीमा पर भरोसा न करें।
- IGRSUP स्टाम्प-निबंधन शुल्क कैलकुलेटर में जिले, गाँव या मोहल्ले, लेखपत्र के प्रकार, मूल्य और महिला क्रेता से जुड़े सही विवरण भरकर प्रारंभिक अनुमान देखें। कैलकुलेटर स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क अलग दिखाता है।
- रजिस्ट्री के लिए ड्राफ्ट लेखपत्र और हिस्सों के विवरण के साथ उप-निबंधक कार्यालय से देय शुल्क और लागू छूट की लिखित गणना माँगें। भुगतान से पहले इसे मिलाएँ।
- अंतिम दस्तावेज़ में नाम, हिस्से, संपत्ति का विवरण, मूल्य और शुल्क दोबारा पढ़ें। रसीद तथा पंजीकृत लेखपत्र की प्रति सुरक्षित रखें।
जगह के हिसाब से संपत्ति के मूल्यांकन की जानकारी के लिए हमारी IGRS यूपी रेट लिस्ट गाइड देख सकते हैं; वास्तविक लेनदेन में सरकारी रिकॉर्ड ही निर्णायक है।
एक करोड़ रुपये की सीमा का क्या अर्थ है?
विभाग का प्रकाशित सारांश एक करोड़ रुपये तक के संपत्ति मूल्य पर छूट बताता है। यह हर अधिक मूल्य वाले दस्तावेज़ के लिए अलग-अलग हिस्से की गणना नहीं बताता। यदि आपके लेखपत्र का मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक है, तो किसी अनुमानित ‘पहले एक करोड़ पर छूट’ के हिसाब से भुगतान न करें। वर्तमान अधिसूचना आपके दस्तावेज़ पर कैसे लागू होगी, यह कार्यालय से लिखित रूप में स्पष्ट कराएँ।
पति-पत्नी या कई महिलाओं के नाम संयुक्त रजिस्ट्री में क्या होगा?
संयुक्त लेखपत्र में खरीदारों के वास्तविक हिस्से और दस्तावेज़ के तथ्य महत्वपूर्ण हैं। विभाग के आदेश संग्रह में 2006 की मूल अधिसूचना और उसका स्पष्टीकरण उपलब्ध है। आगरा के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) का 31 जनवरी 2023 का आदेश तीन महिला खरीदारों के एक मामले से संबंधित था, जिसमें हिस्से दर्ज नहीं थे। उस अधिकारी ने उस समय लागू 10 लाख रुपये की सीमा के अंतर्गत 6 जुलाई 2006 के स्पष्टीकरण को लागू करके शुल्क-कमी का नोटिस वापस लिया। उसी आदेश में महिलाओं और पुरुष की संयुक्त खरीद से संबंधित मूल अधिसूचना का अलग हिस्सा भी उद्धृत है। उस एक मामले को सभी वर्तमान संयुक्त रजिस्ट्रियों का सामान्य फार्मूला न मानें। सही हिस्से लिखें और अपने दस्तावेज़ का आधिकारिक आकलन कराएँ।
आगरा के 31 जनवरी 2023 वाले आदेश को देखें ↗
कौन-सी जानकारी साथ रखें?
ड्राफ्ट लेखपत्र, खरीदार और विक्रेता के सही नाम, संपत्ति का विवरण, मूल्यांकन और पहचान से जुड़े दस्तावेज़ तैयार रखें। हर लेखपत्र में आवश्यक कागज़ समान नहीं होते। वर्तमान सूची आधिकारिक IGRSUP पोर्टल या संबंधित उप-निबंधक कार्यालय से जाँचें। पूरी प्रक्रिया के लिए हमारी यूपी संपत्ति रजिस्ट्री गाइड भी पढ़ सकते हैं।
क्षेत्रफल की इकाइयाँ समझने के लिए Land Calculator गाइड मदद कर सकती है, लेकिन ऐप की गणना प्रमाणित माप, सरकारी मूल्यांकन या देय स्टाम्प शुल्क का प्रमाण नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हर तरह की संपत्ति पर महिला छूट मिलती है?
संक्षिप्त नीति सारांश से ऐसा निष्कर्ष न निकालें। अपने लेखपत्र के प्रकार और मौजूदा अधिसूचना की पुष्टि विभाग से करें।
क्या पति-पत्नी की संयुक्त रजिस्ट्री पर अपने आप आधी छूट मिलती है?
2025 के संशोधन से हर संयुक्त रजिस्ट्री के लिए एक सामान्य प्रतिशत नहीं निकलता। लेखपत्र में हिस्से और लागू मूल आदेश देखकर आधिकारिक गणना कराएँ।
एक करोड़ से अधिक मूल्य वाली संपत्ति में आंशिक छूट मिलेगी?
विभाग का प्रकाशित सारांश एक करोड़ रुपये तक के संपत्ति मूल्य की बात करता है। अधिक मूल्य वाले आपके दस्तावेज़ पर नियम कैसे लगेगा, इसकी लिखित पुष्टि कार्यालय से लें।
स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क क्या एक ही हैं?
नहीं। ये अलग शुल्क हैं और सरकारी कैलकुलेटर भी दोनों को अलग दिखाता है। अंतिम देय राशि कार्यालय से जाँचें।
आधिकारिक स्रोत: महिला छूट नीति, 29 जुलाई 2025 की अधिसूचना, शुल्क कैलकुलेटर, आदेश संग्रह और आगरा का 2023 आदेश। SarkariAsk एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, सरकारी पोर्टल नहीं। नीति और शुल्क की अंतिम पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करें।