Back to blog Mutation

यूपी दाखिल-खारिज: धारा 34 ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज़ जाँच

Akanksha 4 min October 5, 2026
उत्तर प्रदेश में दाखिल-खारिज और भूमि रिकॉर्ड जाँच का प्रतीकात्मक चित्र: खेत, भू-नक्शा, दस्तावेज़ और मोबाइल

उत्तर प्रदेश में दाखिल-खारिज या नामांतरण कहाँ से शुरू करें? भूमि के नामांतरण के लिए राजस्व परिषद के RCCMS पोर्टल में धारा 34 का ऑनलाइन आवेदन विकल्प दिया गया है। आधिकारिक नामांतरण पंजीकरण पेज OTP के माध्यम से पंजीकरण दिखाता है। आवेदन करने से पहले अपना मामला किस श्रेणी में आता है और कौन से दस्तावेज़ चाहिए, यह पोर्टल या संबंधित तहसील से जाँचें।

यह उत्तर प्रदेश के लिए सामान्य सूचना है, कानूनी सलाह नहीं। SarkariAsk सरकारी वेबसाइट नहीं है। रजिस्ट्री, उत्तराधिकार और विवादित भूमि की परिस्थितियाँ अलग हो सकती हैं; एक प्रक्रिया सभी मामलों पर लागू मानकर आवेदन न करें।

दाखिल-खारिज का मतलब क्या है?

नामांतरण का उद्देश्य भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में संबंधित परिवर्तन के लिए आवेदन और उसका परीक्षण कराना है। केवल बिक्री विलेख की रजिस्ट्री हो जाने और खतौनी में नाम बदल जाने को एक ही चरण न समझें। आपका नाम सरकारी अभिलेख में किस आधार पर बदलेगा, यह मामले और सक्षम अधिकारी की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

आवेदन से पहले किन कागज़ों को मिलाएँ?

  • वर्तमान खतौनी में जनपद, तहसील, ग्राम, खाता और गाटा की प्रविष्टियाँ।
  • जिस घटना के आधार पर नामांतरण चाहिए, उससे संबंधित दस्तावेज़—जैसे रजिस्टर्ड विलेख या उत्तराधिकार से जुड़े अभिलेख—जो आपके मामले पर लागू हों।
  • आवेदक की सही पहचान तथा पोर्टल पर OTP पाने के लिए काम करने वाला मोबाइल नंबर।
  • यदि रिकॉर्ड में नाम, पता या गाटा संख्या अलग है, तो पहले अंतर नोट करें और संबंधित तहसील से आवश्यक प्रमाणों की सूची पूछें।

ध्यान दें: यह सभी आवेदकों के लिए निश्चित या पूरी दस्तावेज़-सूची नहीं है। अपलोड का प्रारूप, संख्या और अन्य शर्तें आधिकारिक फॉर्म में दिखाई गई वर्तमान जानकारी से ही तय करें।

ऑनलाइन नामांतरण आवेदन का सुरक्षित क्रम

  1. RCCMS की आधिकारिक वेबसाइट पर “ऑनलाइन आवेदन” में धारा 34 (नामांतरण) का विकल्प पहचानें।
  2. आधिकारिक पंजीकरण पेज पर दिखे निर्देश पढ़ें। OTP केवल इसी सरकारी पेज पर दर्ज करें; किसी व्यक्ति को न बताएं।
  3. अपने मामले की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड और मूल दस्तावेज़ से मिलाकर भरें। अनुमान से गाटा या दूसरे व्यक्ति का नाम न डालें।
  4. फॉर्म में मांगे गए दस्तावेज़ और प्रारूप के अनुसार ही संलग्न करें। जमा करने से पहले भरी हुई जानकारी दोबारा पढ़ें।
  5. सबमिशन पर प्राप्त आवेदन/पावती का नंबर और उसकी प्रति सुरक्षित रखें। आगे की सूचना व स्थिति उसी आधिकारिक प्रणाली से जाँचें।

स्थिति और आदेश कैसे जाँचें?

RCCMS पोर्टल पर वाद खोज और न्यायालय आदेश के विकल्प उपलब्ध हैं। आपका मामला किस खोज विकल्प में दिखेगा, यह दर्ज किए गए विवरण पर निर्भर कर सकता है। आवेदन नंबर, वाद नंबर या पोर्टल पर मांगी गई अन्य जानकारी सही भरें। यदि ऑनलाइन प्रविष्टि न मिले, तो पावती लेकर संबंधित तहसील/राजस्व कार्यालय से पूछें; “नहीं दिख रहा” अपने-आप आवेदन अस्वीकृत होने का प्रमाण नहीं है।

आवेदन संख्या से ऑनलाइन प्रगति देखने के लिए हमारी UP दाखिल-खारिज स्थिति जाँच गाइड भी पढ़ें।

रजिस्ट्री, नामांतरण और रिकॉर्ड-सुधार में फर्क

  • रजिस्ट्री: दस्तावेज़ के पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया।
  • नामांतरण: राजस्व रिकॉर्ड में संबंधित बदलाव के लिए अलग आवेदन/कार्रवाई।
  • त्रुटि-सुधार: किसी मौजूदा प्रविष्टि की गलती ठीक करने की प्रक्रिया; यह हर बार नामांतरण के समान नहीं होती।

यदि आप केवल नाम की वर्तनी या अन्य रिकॉर्ड त्रुटि सुधारना चाहते हैं, तो पहले भूलेख के त्रुटि-सुधार विकल्प और तहसील की सलाह देखें।

सामान्य सावधानियाँ

  • केवल vaad.up.gov.in और दूसरे पुष्टि किए हुए सरकारी पते पर निजी विवरण भरें।
  • किसी निजी ऐप या एजेंट से नाम बदलवाने की गारंटी पर भरोसा न करें।
  • अधिकार, समय-सीमा या शुल्क का दावा करने से पहले पोर्टल के वर्तमान निर्देश और अपने मामले की स्थिति जाँचें।
  • आपत्ति या विवाद हो तो सक्षम राजस्व अधिकारी या योग्य विधिक सलाहकार की मदद लें।

आधिकारिक स्रोत: RCCMS, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश; धारा 34 नामांतरण ऑनलाइन आवेदन पेज; UP Bhulekh। इन सार्वजनिक पेजों की जाँच 23 अक्टूबर 2026 को की गई। दस्तावेज़ों की पूरी सूची और किसी विशेष मामले की पात्रता इस लेख से सत्यापित नहीं होती; आधिकारिक फॉर्म/तहसील से अंतिम पुष्टि करें।

चित्र श्रेय: यह मूल प्रतीकात्मक चित्र OpenAI से SarkariAsk के लिए बनाया गया है। इसमें दिखाई गई मोबाइल स्क्रीन किसी सरकारी पोर्टल की वास्तविक स्क्रीन नहीं है।

One response to “यूपी दाखिल-खारिज: धारा 34 ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज़ जाँच”

  1. Sonoo yadav says:

    Kharij dakhil

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *